
सूत्रों से खबर मिली है कि
कोरिया वनमंडल में अभी हाल में हुई वनरक्षक भर्ती में जमकर धांधली हुई है। कुछ अभ्यर्थियों की शिकायत के बाद कोरिया DFO ने कुछ फर्जी अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिये।लेकिन सवाल यह है कि कैमरों के सामने धांधली कैसे हो गई। अगर धांधली हुई है तो जांच क्यों नहीं और धांधली में सहयोगी बने अधिकारियों,कर्मचारियों पर अबतक कार्यवाही क्यों नही। सूत्र बताते हैं कि वनरक्षक भर्ती में ड्यूटी लिस्ट नाम मात्र की थी महाजन स्टेडियम चर्चा में सबका मालिक एक की तर्ज पर ड्यूटी कराई गई है।अगर इवेंट की जांच कराई जाए तो फर्जीवाड़ा के मामले में कई अधिकारी,कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध हैं। कोरिया वनमंडल में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर जिसकी भर्ती फर्जी है और एक एसडीओ जो वनमंडल चलाते है वो इस फर्जीवाड़े का मेन मास्टरमाइंड बताये जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि इस ऑपरेटर के भर्ती की जांच का मामला बिलासपुर में मोटी रकम देकर मामले को सेट किया गया है।
आखिर कोरिया वनमंडल के भष्ट कर्मचारियों,अधिकारियो की जांच कोई नेता मंत्री क्यों नहीं कराते ?? कौन है जो जांच को प्रभावित कर रहा ?? मामले की शिकायत मुख्य्मंत्री सहित पीसीसीएफ वनबल प्रमुख एवं वनमंत्री केदार कश्यप तक की जा चुकी है अब देखना है जांच के बाद कार्यवाही होती है या भर्ती निरस्त होती है।











